खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा – अब रसोई गैस की छुट्टी

इस पोस्ट में हम खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा के बारे में सभी जानकारी लेंगे जैसे इसका कीमत क्या है और कैसे ये हमारे रसोई से रसोई गैस की छुट्टी कर सकता है इस पर क्या-क्या बना सकते हैं इत्यादि। रसोई गैस का लगातार कीमत बढ़ने से परेशान लोग सोलर चूल्हा के तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं क्योंकि इसमें एक ही बार पैसा लगता है और कई सालों तक ये हमें फ्री में खाना बनाने के लिए ऊर्जा देता है।

कई सोलर कंपनियां खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा का निर्माण कर रही है इसी में पतंजलि भी सोलर चूल्हा का निर्माण करने वाली है और ये देखने में भी आकर्षक लगता है ये धूप से ऊर्जा लेकर खाना बनाने के लिए रसोई गैस की ही तरह ऊर्जा प्रदान करता है।

अगर आप भी रसोई गैस पर खाना नहीं बनाना चाहते हैं एवं लकड़ी पर भी खाना बना बनाकर थक चुके हैं तो फिर इस पोस्ट को पढ़ें और खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा के बारे में लगभग सभी जानकारियां प्राप्त करें ताकि आगे चलकर जरूरत पड़ने पर आप एक अच्छा रसोई चूल्हा का चुनाव करके खरीद सके।

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खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा

इस समय पतंजलि का खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा बाजार में आने वाला है जो देखने में आकर्षण भी है एवं ये सूर्य से ऊर्जा लेकर खाना बनाने के लिए हमें ऊर्जा देता है और जिस तरह से हम रसोई गैस या लकड़ी पर खाना बनाते हैं वैसे ही सौर ऊर्जा पर भी बड़े ही आसानी से खाना बना पाते हैं।

पतंजलि के अलावा और कई सोलर कंपनियां सोलर चूल्हा डिजाइन करने में लगी हुई है क्योंकि इसका मांग बहुत ज्यादा हो रहा है। अब लोग रसोई गैस के जगह सोलर चूल्हे पर खाना बनाना चाहते हैं क्योंकि इसमें सिर्फ एक ही बार चूल्हा एवं प्लेट खरीदने की आवश्यकता होती है उसके बाद ये कई सालों तक इसके ऊपर हम खाना बना पाते हैं।

Indian Oil Corporation का सोलर चुल्हा

surya nutan chulha solar

देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी Indian Oil Corporation ने Solar Chula लेकर आया है जिसके लिए अलग से सोलर प्लेट है जिसे आप छत पर रखकर उसमें से निकला हुआ तार सोलर चूल्हे में लगाकर उस पर खाना पका सकते हैं।

ये चूल्हा सोलर प्लेटों से आ रहे ऊर्जा को अपने अंदर स्टोर कर लेता है और फिर उसी ऊर्जा से आप दिन या रात कभी भी खाना पका सकते हैं। ये ठीक उसी तरह है जैसे सोलर पैनल से इनवर्टर के द्वारा हम बैटरी को चार्ज करके बैकअप बनाते हैं और फिर उससे अपने घर का उपकरण को चलते हैं।

अगर कभी मौसम खराब है और धूप नहीं है तो उस स्थिति में ये चूल्हा बिजली से भी चार्ज हो जाता है और इस पर आप खाना पका पाएंगे। लेकिन अगर धूप है तो फिर घर के छत पर लगे हुए पैनल धूप से बिजली बनाकर इस चूल्हा को देता है और फिर आप बिना कोई लागत में फ्री में ही खाना पका पाएंगे।

इस सोलर चूल्हे का नाम सूर्य नूतन रखा गया है ये चूल्हा चार लोगों का खाना बहुत ही आसानी से पका सकता है सूर्य से धूप में एनर्जी लेकर लेकिन अगर धूप नहीं है तो फिर आप इसे बिजली से भी चला सकते हैं।

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सूर्य नूतन चूल्हा कैसे काम करता है?

  • सूर्य नूतन चूल्हा के लिए जो सोलर पैनल होते हैं उन्हें घर के छत पर रखा जाता है जिससे वो धूप से बिजली बनाते हैं और चूल्हा में वो बिजली स्टोर होता है और फिर उसी ऊर्जा से चूल्हा के प्लेट गर्म होती है और फिर उस पर खाना पकता है।
  • कोई भी सोलर पैनल के प्लेट को जब हम धूप में रखते हैं तो वो धूप के किरणो को बिजली में कन्वर्ट करता है और फिर उसमें लगे हुए केबल के जरिए उस बिजली को इनवर्टर से होते हुए बैटरी में ले जाया जाता है जिससे बैटरी चार्ज होती है और फिर उसी बैटरी से घर के उपकरण चलते हैं।
  • ठीक ऐसे ही खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा भी काम करता है उसके लिए जो सोलर पैनल प्लेट छत पर लगे होते हैं वो प्लेट सूरज की करणो को बिजली में बदलकर चूल्हे में लगे हुए बैटरी को चार्ज करते हैं और फिर उसी से हम चूल्हे को चला कर खाना बनाते हैं।

सूर्य नूतन चूल्हे का कीमत क्या है?

सूर्य नूतन सौर ऊर्जा से चलने वाला चूल्हा है एवं इसका लाइफ 10 साल बताया जा रहा है कंपनी के अनुसार इसका कीमत 18000 रुपए से लेकर ₹30000 के अंदर हो सकता है। वैसे बाजार में आने के बाद ही इस चूल्हे का कीमत के बारे में पता चल पाएगा फिलहाल देखने में आकर्षण एवं इस आराम देह चूल्हे को अपने रसोई में लाने के लिए सब कोई उत्साहित है।

वैसे सूत्रों की माने तो सरकार के तरफ से इस चूल्हे पर सब्सिडी देने पर विचार हो रहा है अगर ऐसा हुआ तो इसका कीमत घटकर 10 से ₹12000 के आसपास आ जाएगा और ऐसे में इस चूल्हे को सभी तरह के लोग भी खरीद पाएंगे।

इस चूल्हे को खरीदने में सिर्फ एक बार पैसा खर्च होगा फिर आप इससे फ्री में खाना पका पाएंगे क्योंकि इसके लिए आपको रसोई गैस या लकड़ी खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी इस चूल्हे के लिए जो प्लेट आपकी छत पर लगे होंगे उसी से ऊर्जा लेकर ये खाना पकाएगा।

सोलर चूल्हा के फायदे

सोलर चूल्हा का फायदा ये है कि इसमें एक बार पैसा लगेगा और फिर फ्री में खाना बन पाएगा आज के समय में गैस काफी महंगा हो चुका है और अगर आप हर महीने हजार से ₹1500 का एक सिलेंडर पर लगाते हैं तो साल का बहुत पैसा हो जाता है वही आप एक बार पैसे खर्च करके सोलर चूल्हा लगा लेते हैं तो फिर इस पर आप कई सालों तक फ्री में खाना बना पाएंगे।

  • ये प्रदूषण रहित चूल्हा होता है इसके इस्तेमाल से वातावरण साफ सुथरा बना रहेगा।
  • सोलर चूल्हा पर खाना बनाने से महिलाओं को धुएं से होने वाली बीमारियों में बचत होगी।
  • हर महीना गैस भरवाने का झंझट खत्म हो जाएगा और पैसे का बचत भी होगा।
  • सूर्य के रोशनी पर बना हुआ बिजली से खाना बनेगा इसलिए खाना भी शुद्ध मिलेगा।

सूर्य नूतन सोलर चूल्हे का विशेषतायें

  • सूर्य नूतन सोलर चूल्हे का कई सारे विशेषताएं हैं कुछ लोगों को लगता है कि क्या इस चूल्हे को धूप में रखकर खाना बनाना पड़ेगा तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है देखें नीचे हम इसके फीचर्स के बारे में बता रहे हैं।
  • इस चूल्हे को किचन के अंदर रखना होता है और सोलर पैनल को धूप में रखते हैं फिर तार के जरिए पैनल और चूल्हे में कनेक्शन किया जाता है।
  • जब पैनल से आ रहे बिजली चूल्हे पर बना रहे खाना से ज्यादा होता है तो फिर ये चूल्हा उस बिजली को अपने अंदर स्टोर कर लेता है और धूप न होने पर उसी बिजली से ये चूल्हा चलता रहता है।
  • इस चूल्हे में हाइब्रिड मोड का सुविधा है यानी इसे आप सोलर पैनल से भी चला सकते हैं और धूप ना होने पर बिजली से भी चला सकते हैं।
  • अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण के मुकाबले इस चूल्हे पर मेंटेनेंस का खर्चा ना के बराबर होता है एक बार खरीदने के बाद 10 से 15 साल तक आप इसका उपयोग कर सकते हैं।
  • सोलर चूल्हा पर खाना बनाने में समय भी उतना ही लगता है जितना गैस या इलेक्ट्रिक चूल्हा पर बनाने में लगता है।
  • अगर देखा जाए तो सोलर चूल्हा प्रदूषण या खर्चख के मुकाबले में अन्य सभी चुल्हों से बेहतर साबित हो सकता है।

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NIT ने बनाया सोलर चूल्हा

nit solar chulha

इंडियन ऑयल के सूर्य नूतन चूल्हे के बाद NIT यानि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने सूर्य के रोशनी से चलने वाला खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा का निर्माण किया है जो की सूर्य नूतन से भी एडवांस चूल्हा बताया जा रहा है और आगे के पोस्ट में हम इस चूल्हे के बारे में लगभग सभी जानकारी लेंगे।

NIT के अनुसार इस चूल्हे को बनाने के लिए भारत सरकार के तरफ से भी प्रोत्साहन दिया गया है वैसे भी भारत सरकार सौर ऊर्जा को लेकर काफी गंभीर है क्योंकि ये बिना प्रदूषण किए ही ऊर्जा देता है।

क्या है फीचर्स

इस खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा को दो मॉडल में तैयार किया गया है पहला सिंगल स्टोव और दूसरा डबल स्टोव। इस दोनों ही चूल्हे को चलाने के लिए सोलर प्लेट को धूप में रखा जाता है और उससे निकला हुआ तार को इनवर्टर में लगाया जाता है और फिर इनवर्टर से निकला हुआ तार चूल्हा में लगा दिया जाता है और फिर चूल्हा के प्लेट गर्म होती है और खाना बनाना शुरू कर देती है।

जो लोग सड़क के किनारे खाद्य पदार्थ बनाकर बेचते हैं उनके लिए ये चूल्हा बेहद उपयोगी है क्योंकि वो अपने बगल में ही सोलर प्लेटों को रखकर इस चूल्हे से खाना पका सकते हैं। इस चूल्हे में एलईडी भी लगा है जिसके जरिए आप इस चूल्हे का उपयोग रोशनी के लिए भी कर सकते हैं।

NIT के तरफ से एक और मॉडल में इस चूल्हे को पेश किया गया है जो दिन में सूर्य के धूप से खाना पकाता है और रात में बैटरी से भी ये चुल्हा चल सकता है। इस चूल्हे के लिए भारत सरकार के तरफ से भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है और कई कंपनियां भी इस चूल्हे को बड़े पैमाने पर निर्माण करने के लिए NIT से संपर्क कर रही हैं।

कीमत क्या है?

NIT के द्वारा बनाए गए सिंगल  बर्नर स्टोव खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा का कीमत₹10000 के आसपास हो सकता है और डबल बर्नर स्टोव चूल्हे का कीमत बैटरी के साथ में ₹15000 बताया जा रहा है लेकिन अगर सरकार इसमें सब्सिडी दे देती है तो ये और भी सस्ता हो सकता है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के द्वारा बनाए गए चूल्हा लोगों को कितना पसंद आता है ये तो आने वाला समय ही बताएगा वैसे सौर ऊर्जा से चलने वाला हर यंत्र प्रदूषण रहित होता है और सरकार के तरफ से भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सौर कुकर

सौर कुकर

सौर कुकर भी खाना बनाने के लिए होते हैं एवं ये सौर ऊर्जा से चलते हैं यानी धूप के किरणो से ये दो तरह के होते हैं पहला बॉक्स टाइप एवं दूसरा डिस टाइप। अगर आपके घर में कम सदस्य हैं तो फिर आपके लिए बॉक्स टाइप सौर कुकर सही रहेगा और अगर आपके घर में ज्यादा सदस्य हैं तो फिर आपके लिए डिस टाइप सौर कुकर बेस्ट हो सकता है।

सौर कुकर में दाल चावल राजमा इत्यादि को उबाला जा सकता है और ये कामकाजी लोगों के लिए बेस्ट हो सकता है। सौर कुकर में खाना बनाने से पहले इसे धूप में रखा जाता है और फिर जो भी चीजें उबालना होता है उसे उसमें डालकर धूप में ही छोड़ दिया जाता है और फिर तीन-चार घंटे में ये खाना को अच्छी तरह से उबाल देता है।

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निष्कर्ष

तो इस पोस्ट में हमने खाना बनाने वाला सोलर चुल्हा के बारे में जाना और हमें उम्मीद है इस पोस्ट को पढ़कर आप अपने लिए एक सोलर चूल्हे का चुनाव कर पाएंगे क्योंकि आने वाला समय सौर ऊर्जा का ही है।

अगर अभी भी आपके पास इस पोस्ट से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें बताएं एवं सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अपने घर के उपकरण को सोलर से चला कर पैसे एवं प्रदूषण का बचत करें।

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