घर के लिए सोलर पैनल कितना खर्चा आएगा 2023

अगर आप 2023 में घर के लिए सोलर पैनल लेना चाहते हैं तो उसमें कितना खर्चा आएगा और किस तरह का सोलर पैनल इनवर्टर और बैटरी लेना होता है इन सभी बातों को इस पोस्ट में हम विस्तार से जानकारी लेंगे।

हमारा मुख्य उद्देश्य लोगों को घर के लिए सोलर पैनल सोलर सिस्टम से परिचय कराना है क्योंकि अभी भी ज्यादातर लोग सिर्फ सोलर पैनल को ही सोलर सिस्टम मानते हैं लेकिन ये सही नहीं है।

सोलर सिस्टम में सोलर पैनल के साथ इनवर्टर और बैटरी भी आता है लेकिन आज के समय में कई तरह के अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग तरह के इनवर्टर और बैटरी बना रही है।

 और इनमें लोग अपने सुविधा के अनुसार और घर में चल रहे लोड के हिसाब से ही अपने घर के लिए सोलर पैनल लाते हैं और उसे इंस्टॉल करवा कर बिजली बिल से छुटकारा पा लेते हैं।

इस पोस्ट में हम जानेंगे कि सौर ऊर्जा क्या है इससे हम अपने घर के कौन-कौन से उपकरण को चला सकते हैं और सौर ऊर्जा के लिए क्या माध्यम होते हैं एवं हमारे घर के लिए सोलर पैनल के लोड के हिसाब से हमें कितना सोलर पैनल लगाना होता है इत्यादि।

सोलर सिस्टम का मतलब क्या है?

सूर्य से आ रही रोशनी को उर्जा में कन्वर्ट करके उसका इस्तेमाल अपने घर के उपकरण जैसे टीवी पंखा बल्ब इत्यादि को चलाया जाता है और इसे ही सौर ऊर्जा कहा जाता है एवं इसमें लगने वाले सभी उपकरण को भी मिला दें तो इसे सोलर सिस्टम कहते हैं।

सोलर सिस्टम में सूर्य का रोशनी होती है रोशनी को बिजली में कन्वर्ट करने के लिए सोलर पैनल होते हैं और सोलर पैनल के बिजली को कंट्रोल करने के लिए इनवर्टर होते हैं एवं पावर का बैकअप बनाने के लिए बैटरी होती है और फिर पैनल को छत पर सेट करने के लिए लोहे या जी आई के एंगल द्वारा बना हुआ ढांचा होता है और फिर तार होते हैं और इन सभी समुच्चय को मिलाकर ही सोलर सिस्टम का नाम दिया जाता है।

सोलर सिस्टम को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाता है जैसे 1 किलो वाट सोलर सिस्टम, 2 किलोवाट सोलर सिस्टम, 3 किलोवाट सोलर सिस्टम और ऐसे करके पांच या 10 किलो वाट सोलर सिस्टम भी होते हैं।

1 किलोवाट सोलर सिस्टम का मतलब हो गया कि कई पैनल को मिलाकर 1000 वाट तक पैनल बनाना और इसी हिसाब से इनवर्टर एवं बैटरी और लोहे या जी आई का एंगल वाला ढांचा और फिर तार।

ठीक ऐसे ही जिनके घर पर दो या 3 किलो वाट की आवश्यकता होती है तो उतना पैनल और फिर उसी के हिसाब से इनवर्टर और बैटरी और फिर पैनल को छत पर सेट करने के लिए ढांचा और तार।

घर के लिए सोलर पैनल

सोलर सिस्टम का मुख्य हिस्सा सोलर पैनल होता है क्योंकि यही सूर्य से आ रही रोशनी को बिजली में बदल देता है। इसलिए पूरा सोलर सिस्टम में पैनल का कीमत 40 परसेंट के आसपास होती है और बाकी के खर्चा इनवर्टर तार ढांचा और बैटरी में लगता है।

वैसे तो पूरे विश्व में कई तरह के सोलर पैनल होते हैं लेकिन भारत मे ये दो तरह के होते हैं पहला पॉलीक्रिस्टलाइन पैनल (Polycrystalline Solar Panel) ये पुरानी तकनीक से बना हुआ है इसलिए बारिश के मौसम में बादल होने पर ये बहुत कम बिजली बना पाता है।

दूसरा है मोनोक्रिस्टलाइन (Monocrystalline Solar Panel) ये पैनल नई टेक्नोलॉजी से बना हुआ है और आकाश में बादल एवं बारिश होने पर भी बिजली बनाता रहता है लेकिन ये महंगे होते हैं।

1 किलोवाट सोलर पैनल कीमत

1 किलोवाट सोलर पैनल का मतलब 1000 वाट तक पैनल होता है। यानी आप दो-दो सौ वाट के पांच पैनल को मिला लें तो एक किलो वाट या एक हजार वाट पैनल हो जाता है।

ऐसे ही आप चाहें तो सौ 100 वाट के 10 पैनल मिलाकर 1 किलो वाट पूरा कर सकते हैं या फिर 500 वाट के 2 पैनल को भी मिलाकर 1 किलो वाट पूरा कर सकते हैं।

सोलर पैनल वाट के हिसाब से मिलता है और इस समय ₹100 प्रति वाट मिल रहा है यानी एक 10 वाट का पैनल है तो 100 से 10 में गुणा करने पर ₹1000 बनता है।

अब अगर आप बड़ा पैनल लेते हैं तो फिर उसमें उसका प्राइस प्रतिवाट कम हो जाता है यानी करीब 4 से 500 वाट का पैनल लेते हैं तो फिर उसमें आपको 50 से ₹55 प्रति वाट के हिसाब से देना होता है

तो इस हिसाब से अगर आपको 1 किलो वाट सोलर पैनल लेना है तो आप 440 वाट के 2 पैनल ले सकते हैं यह करीब 900 वाट हो जाएगा और फिर आप 100 वाट का एक पैनल और ले सकते हैं।

तो कुल मिलाकर अगर ₹50 प्रति वाट भी बनता है तो 1 किलोवाट सोलर पैनल का कीमत करीब करीब ₹50000 हो जाएगा।

अब यहां पर देखने वाली बात ये भी है कि सोलर बनाने वाली कंपनी कौन है उसका सर्विस कैसा है और उसी हिसाब से पैनल का कीमत कम है या ज्यादा भी हो सकता है।

अब यहां तक हमने 1 किलो वाट सोलर पैनल का कीमत जान लिया अब आगे के पोस्ट में हम इनवर्टर के बारे में बात करेंगे और उसका कीमत जानने की कोशिश करेंगे।

इनवर्टर (Inverter)

सोलर सिस्टम में पैनल के बाद दूसरा भाग इनवर्टर का होता है ये सोलर पैनल से आ रहे बिजली को कंट्रोल करके एसी या डीसी में बदलता है और फिर बैटरी को भी चार्ज करता है और घर में भी उपकरण चलाने के लिए सप्लाई देता है।

अगर आप घर के लिए सोलर पैनल 1 किलो वाट लगाते हैं तो फिर इसके लिए 1100va या 1400va का इनवर्टर लगा सकते हैं।

अगर 1100va इनवर्टर ले रहे हैं तो फिर इसका कीमत अभी के समय में ₹8000 के आसपास में मिल जाता है। और 1400va का इनवर्टर लगभग ₹10000 में मिल सकता है।

कुछ लोग सोलर पैनल से ही डायरेक्ट अपना उपकरण चलाते हैं लेकिन ये रिस्क भरा काम है इससे आपका उपकरण खराब हो सकता है क्योंकि सोलर पैनल से आ रही बिजली कभी कम कभी ज्यादा होती है और इसी को इनवर्टर कंट्रोल करता है।

बैटरी (Battery)

सोलर सिस्टम का तीसरा भाग बैटरी होता है क्योंकि अगर आप अपने घर के लिए सोलर पैनल सिस्टम में पैनल और इनवर्टर के साथ बैटरी भी लगाए हैं तो ये पैनल का बचा हुआ ऊर्जा को संभाल के रखेगा और फिर रात में जब धूप नहीं होगी तो आपके उपकरण को चलाने में सहयोग करेगा।

बैटरी पावर बैकअप के लिए लगाया जाता है अगर आप बैटरी नहीं लगाएंगे तो सोलर से अपने घर के उपकरण को सिर्फ दिन में ही चला पाएंगे जब तक धूप रहेगा तभी तक।

लेकिन अगर आप रात में भी अपने उपकरण को चलाना चाहते हैं तो फिर पैनल इनवर्टर के साथ में बैटरी भी लगाएं ताकि ये दिन भर धूप में चार्ज होता रहे और फिर रात में आपके उपकरण को चलाएं।

अगर आप 1 किलो वाट सोलर पैनल का सिस्टम लगा रहे हैं तो इसमें आप 150ah का दो बैटरी लगा सकते हैं या फिर 325ah का एक बैटरी लगा सकते हैं।

वैसे अगर आपके पास में बजट कम है तो आप 150ah के दो बैटरी के जगह एक बैटरी ही लगाकर काम चला सकते हैं लेकिन फिर इससे आप रात में ज्यादा उपकरण नहीं चला पाएंगे।

अगर कीमत की बात करें तो 150ah का एक बैटरी 13 से 14,000 रुपय के आसपास में मिल जाएगा और इसका 3 साल की वारंटी होती है। अगर आप ज्यादा वारंटी वाला यानी 5 साल के वारंटी वाला बैटरी लेना चाहते हैं तो ये करीब ₹18,000 के आसपास में मिल जाएगा।

सोलर पैनल के लिए स्टैंड या ढांचा

जब हम घर के लिए सोलर पैनल लेते हैं तो इसे अपने छत पर फिट करने के लिए स्टैंड या ढांचा भी लेते हैं और ये स्टैंड अच्छी क्वालिटी के लोहे का बना होना चाहिए क्योंकि इनके ऊपर बारिश के पानी गिरता है और आंधी या तूफान को भी इसे झेलना पड़ता है।

सोलर पैनल के लिए स्टैंड लोहे का नहीं होना चाहिए क्योंकि लोहा पानी के संपर्क में आने के बाद सड़ने लगता है इसके लिए आप जी आई का एंगल खरीदें क्योंकि जी आई का एंगल कई वर्षों तक धूपिया बारिश को झेलता है और ये जल्दी सड़ता भी नहीं है।

आप जहां से भी सोलर पैनल और इनवर्टर खरीदे वहीं पर पैनल के लिए स्टैंड के रूप में जीआई का एंगल मिल जाता है तो इसी के ऊपर अपना सोलर पैनल को फिट करवाएं।

घर में हीटर लगा है तो कितना सोलर पैनल लगाएं

अभी तक हमने घर के लिए सोलर पैनल की बात की है जिसमें हमने 1 किलो वाट सोलर पैनल के बारे में बताया है लेकिन अभी ठंड के मौसम में बहुत से घरों में Room Heater लगे होते हैं तो अगर आपके घर में भी हीटर लगा है तो एक हीटर कम से कम 800 वाट लेता है और 1 किलो वाट सोलर पैनल का पूरा बिजली ये हिटर ही इस्तेमाल कर लिया करेगा।

इसलिए बाकी के उपकरण को भी चलाते रहने के लिए आपको कम से कम 2 किलो वाट सोलर पैनल इंस्टॉल कराना होगा जिसमें आपका हीटर भी चल जाएगा और बाकी के उपकरण जैसे टीवी 2-3 सीलिंग फैन बल्ब इत्यादि।

दो पंखा के लिए सोलर पैनल

इस गाइड में दो पंखे के साथ टीवी एवं कुछ बल्ब के लिए सोलर पैनल इनवर्टर एवं बैटरी का पूरा सेट को अपने घर में लगाने के लिए उपकरण एवं खर्चे की सभी जानकारी दी गई है।

बहुत से लोग अपने घर में लगे उपकरण के हिसाब से ही पैनल लगवाते हैं लेकिन हमारा मानना ये है कि घर में लगे उपकरण के डेढ़ गुना ज्यादा पैनल लगना चाहिए क्योंकि कई बार धूप कम होता है बादल आ जाते हैं।

और अगर आपके घर में ज्यादा पैनल लगे हैं तो कभी कभी धूप कम होने पर भी आपके घर के सभी उपकरण प्रॉपर तरीके से चलते रहेंगे क्योंकि बिजली ज्यादा बनेगी तो आपका बैटरी हमेशा चार्ज रहेगा और धूप कम होने पर भी बैटरी के जरिए आपके घर के उपकरण चलते रहेंगे।

निष्कर्ष

आप अपने घर के लोड के अनुसार ही सोलर पैनल इनवर्टर और बैटरी इंस्टॉल करवाएं और सोलर डीलर से संपर्क करें या फिर ऑनलाइन सोलर कम्पनी के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी ये सभी उपकरण मंगा सकते हैं।

हमें उम्मीद है आपको यह पोस्ट घर के लिए सोलर पैनल काफी पसंद आया होगा लेकिन अगर अभी भी आपके पास कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर हमसे पूछे।

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